Faridabad/Alive News : हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस वर्ष घास, बांस, लकड़ी और पत्तियों से बने पक्षियों के घोंसले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। ये घोंसले न केवल देखने में सुंदर हैं, बल्कि प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं।
मेले में देश-विदेश से आए कारीगर पारंपरिक तकनीकों से तैयार किए गए इन घोंसलों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कारीगरों द्वारा प्राकृतिक सामग्री से बनाए गए ये हस्तनिर्मित घोंसले ग्रामीण और पारंपरिक शिल्प की झलक प्रस्तुत करते हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये पक्षियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक आश्रय बन सकें।
कई घोंसले घरों की सजावट के लिए तैयार किए गए हैं, जबकि कुछ विशेष रूप से बगीचों और पेड़ों पर टांगने योग्य हैं। पर्यटक इन्हें खरीदकर न केवल अपने घर की शोभा बढ़ा रहे हैं, बल्कि पक्षियों के संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। सूरजकुंड मेले में प्रदर्शित ये घोंसले भारतीय शिल्पकारों की रचनात्मकता और प्रकृति के प्रति उनके संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

