Faridabad/Alive News: अरावली की वादियों में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में देश-विदेश से आए कारीगर अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी मेले में पंजाब के पटियाला से आए शिल्पकार प्रदीप कुमार स्टॉल नंबर 987 पर पंजाबी जूती और चप्पलों की सुंदर और आकर्षक श्रृंखला पेश कर रहे हैं, जो खास तौर पर महिलाओं को खूब पसंद आ रही है।
प्रदीप कुमार ने बताया कि उनका परिवार पिछले 39 वर्षों से लगातार सूरजकुंड मेले में भाग लेता आ रहा है। यह उनके लिए सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों से चली आ रही पारिवारिक परंपरा है। उनके दादा, पिता और अब वह स्वयं इस पारंपरिक पंजाबी जूती कला को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पटियाला में अब तक की सबसे बड़ी 9 फीट लंबी पंजाबी जूती भी बनाई है, जो उनकी कारीगरी और मेहनत का उदाहरण है। उनकी स्टॉल पर हैंडमेड पंजाबी जूती, जरकन नग जड़ी चप्पलें, जारी वर्क और कढ़ाई वाली जूती, साथ ही पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के फुटवियर उपलब्ध हैं।
प्रदीप कुमार के अनुसार, पंजाबी जूती और चप्पलों की कीमत 350 रुपये से लेकर 650 रुपये तक रखी गई है, ताकि हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें। सुंदर डिजाइन, मजबूत गुणवत्ता और उचित कीमत के कारण उनके उत्पाद लोगों को खासा पसंद आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जूती पर किया जाने वाला कढ़ाई और जरकन का काम कई गरीब और जरूरतमंद महिलाओं द्वारा किया जाता है, जिससे उन्हें रोजगार मिलता है। प्रदीप कुमार का कहना है कि पंजाबी जूती सिर्फ पहनने की चीज नहीं, बल्कि पंजाब की संस्कृति और परंपरा की पहचान है। उनका उद्देश्य इस पारंपरिक कला को सहेजना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है।

