October 27, 2026

गांवों में स्तन कैंसर के लक्षण पहचानेंगी आशा कार्यकर्ता, 70 ने संभाली जागरूकता की जिम्मेदारी

Fraidabad/Alive News: स्तन कैंसर के लक्षणों की जानकारी के अभाव में कई महिलाएं समय पर चिकित्सक से परामर्श नहीं ले पातीं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्थिति को बदलने के लिए अब आशा कार्यकर्ताओं की मदद से महिलाओं तक जागरूकता पहुंचाई जाएगी। स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत एमओसी कैंसर केयर ने सीएचसी तिगांव के सहयोग से पिंक प्लेज अभियान शुरू किया। इसमें 70 आशा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर ग्रामीण महिलाओं को बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया।

अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने गुलाबी टी-शर्ट पहनीं, जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों को जानकारी दी और मिलकर मानव कैंसर जागरूकता रिबन बनाया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य के प्रति सजग करना और किसी भी असामान्य बदलाव पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है।

गांठ या आकार में बदलाव को न करें नजरअंदाज

एमओसी कैंसर केयर के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. संदीप रामावत ने बताया कि स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है। स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा पर गड्ढे पड़ना और निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। परिवार में स्तन या डिम्बग्रंथि के कैंसर का इतिहास होने पर भी चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

आशा कार्यकर्ताओं के जरिए गांवों तक पहुंचेगी जानकारी

सीएचसी तिगांव के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश आर्य ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का ग्रामीण महिलाओं से सीधा संपर्क उन्हें समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने में मदद करेगा। एमओसी कैंसर केयर के उत्तर भारत के मुख्य परिचालन अधिकारी आदित्य बहादुर ने कहा कि कई मामलों में बीमारी का पता देर से चलता है। अभियान के जरिए महिलाओं को सही जानकारी देकर समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।