March 11, 2026

अखिलेश पर अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी, भड़कीं सपा सांसद प्रिया

Deihi/Alive News: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य महाराज के पुराने वायरल वीडियो पर बहस तेज हो गई है। मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज हाल ही में बाबा की अखिलेश यादव पर टिप्पणी से भड़क गई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य महाराज के बीच जुबानी विवाद पर जौनपुर की मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज ने एक्स पर पोस्ट कर मामले का गर्मा दिया है।

उन्होंने लिखा, जब एक बाबा कृष्ण जी का नाम बताने में असफल हो जाता है तो अपनी छवि सुधारने के लिए वे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम हिंदू-मुस्लिम से जोड़कर देश-प्रदेश का माहौल खराब करते हैं। यही सिखाते हैं, ये अपने प्रवचन में।

उन्होंने अनिरुद्धाचार्य की फोटो भी पोस्ट की है। सांसद के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ यूजर्स ने इसे सत्य और साहस की आवाज बताया तो कुछ ने इसे संत समाज के खिलाफ बयान करार दिया।

सांसद प्रिया सरोज की पोस्ट को राजनीतिक गलियारों में अनिरुद्धाचार्य पर सीधा निशाना माना जा रहा है। उन्होंने पोस्ट में यह भी संकेत दिया है कि धार्मिक मंचों से समाज को बांटने वाली बातें की जा रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र और सांस्कृतिक समरसता के खिलाफ है। उनकी यह पोस्ट ऐसे समय पर आई है, जब अनिरुद्धाचार्य महाराज और अखिलेश यादव के वायरल वीडियो और टिप्पणियों ने राजनीति को गर्मा दिया है।

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
बीते दिनों सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ एक काफी पुराना वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य महाराज से पूछा कि मां यशोदा ने भगवान कृष्ण को सबसे पहले किस नाम से पुकारा था? मतलब, भगवान कृष्ण का पहला नाम पूछते नजर आ रहे हैं।

अनिरुद्धाचार्य ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण को बहुत सारे नामों से पुकारा जाता था, उनकी मां ने उन्हें पहले कन्हैया कहकर पुकारा था। इस पर अखिलेश ने कहा कि बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं, आगे अखिलेश यादव ने कहा कि बस यहीं आपका और हमारा रास्ता अलग-अलग हो गया। इसके साथ ही अनिरुद्धाचार्य को ‘शूद्र’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह भी देते दिखाई दिए।

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने मामले को मुसलमानों से जोड़ा
अब मामले पर 16 जुलाई को प्रतिक्रिया देते हुए अनिरुद्धाचार्य महाराज ने इसे मामले को मुसलमानों से जोड़ दिया। उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश का नाम लिए बगैर हमला बोला। उन्होंने प्रवचन के दौरान कहा कि ‘यूपी के एक पूर्व मुख्यमंत्री मेरे से कहते हैं आपका रास्ता अलग और मेरा रास्ता अलग, क्यों, क्योंकि मैंने उनके पूछे गए प्रश्न का उनके मनमुताबिक उत्तर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैंने वही उत्तर दिया जो सच है। वो मुसलमानों से नहीं कहते कि तुम्हारा रास्ता अलग, हमरा रास्ता अलग, वो मुसलमानों से नहीं कहते हैं कि जो तुम्हारा रास्ता है वही हमारा रास्ता है।