Faridabad/Alive News: फरीदाबाद प्रशासन की सूरजकुंड रोड अनंगपूर के फार्महाउस की तोडफोड के विरोध में रविवार के दिन सुबह से ही ग्रामीणों विरोध प्रदर्शन शुरु किया हुआ है। यहां पर जिला प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।
तस्वीरों में दिखाई दे रहे ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे है और कार्यवाही को रोकने के लिए प्रशासन से बातचीत करने के लिए 15 सदस्यो की कमेटी बनाई गई है। जो जिला उपायुक्त से मुलाकात कर कार्यवाही को रोकने की और दस्तावाजों की कार्यवाही को पुरा करेगी। लगातार अरावली में हो रही तोड़फोड़ से आहत ग्रामीण ने कहा कि गांव अंनगपूर गांव 700 साल पहले से अरावली की पहाड़ियों में बसा हुआ है और उस समय के इनके पास उर्दु में लिखित मिलकियत के कागजात है। अरावली पीएलपीए एक्ट 1950 के बाद बना है। हालांकि गांव उससे पहले से बसा हुआ है।
ग्रामीण ने कहा कि फरीदाबाद प्रशासन की कार्यवाही अनुचित है और उन्हें बिना नोटिस दिए ही कार्यवाही की जा रही है जिसे वह बरदाश्त नही करेंगे। गांव के ही एक युवक ने कहा कि प्रशासन निशांदेही कर ग्रामीण को बताएं कि गांव के कौन से हिस्से के बहार अरावली का जंगल शुरु होता है।
उन्होने की गांव की आबादी 700 साल में कई गुणा बड़ गई है। जिसकी वजह से लोग अपने रहने के लिए आशियाने बना रहे है। प्रशासन उस पर अनुचित कार्यवाही कर रहा है। इसको लेकर वह लोग विरोध जारी रखेगे। प्रशासन पैसा लेकर “पिक एंड चुज”की नीति अपना रहा है।
विवेक प्रताप ने कहा कि 700 साल पुराने प्राचीन गांव को निशाना बनाना सरकार और प्रशासन का लिए उचित नही है। अरावली की दोनों छोर पर हरियाणा सरकार के दो टूरिस्ट पहले से सूरजकुंड और जिम खाना,क्लब सबसे पहले तोड़ने की शुरुआत यहाँ से करनी चाहिए थी क्योंकि यह भी पी एल पी ए का उल्लंघन है। उन्होने कहा कि उनका परिवार और पार्टी अंनगपूर गाँव के साथ है।

