March 12, 2026

आरटीई के तहत गरीब बच्चों के प्राइवेट स्कूलों में दाखिले 10 से 23 अप्रैल तक, अभिभावक मंच ने उठाए सवाल

Panchkula/Alive News: मौलिक शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने 6 मार्च को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके अनुसार 10 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चयनित बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।

नोटिफिकेशन के मुताबिक 11 से 17 मार्च तक निजी स्कूलों से 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों का क्लास-वाइज विवरण मांगा जाएगा। इसके बाद 18 से 24 मार्च तक भेजे गए विवरण की जांच की जाएगी।

31 मार्च से 7 अप्रैल तक गरीब बच्चों से आवेदन लिए जाएंगे। 9 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा और 10 से 23 अप्रैल तक उन्हें स्कूल आवंटित किए जाएंगे। वहीं 30 अप्रैल से 5 मई तक वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी।

हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा और प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार शिक्षा का अधिकार कानून को सही तरीके से लागू करने में विफल रही है। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग यह प्रक्रिया अप्रैल-मई तक चलाकर निजी स्कूल संचालकों को फायदा पहुंचाता है।

मंच का कहना है कि महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आरटीई दाखिला प्रक्रिया जनवरी-फरवरी में शुरू होकर 31 मार्च तक पूरी कर ली जाती है, ताकि चयनित बच्चों की पढ़ाई 1 अप्रैल से शुरू हो सके। जबकि हरियाणा में देर से नोटिफिकेशन जारी होने के कारण बच्चों के दाखिले अप्रैल-मई तक होते हैं। तब तक स्कूलों में अधिकांश सीटें भर जाती हैं और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी होती है, जिससे कई बार स्कूल बच्चों को दाखिला देने से मना कर देते हैं।

प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस बिरदी ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सीबीएसई के 28 निजी स्कूलों ने शिक्षा विभाग द्वारा चिन्हित गरीब बच्चों को दाखिला देने से मना कर दिया था। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा निदेशक पंचकूला को दो बार पत्र लिखकर इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मंच के राष्ट्रीय सलाहकार और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और लीगल नोटिस भी भेजा था। अब उन्होंने बताया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो इन स्कूलों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।