Sonipat/Alive News: हरियाणा के सोनीपत में रविवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें बाप-बेटे की हत्या का मुख्य आरोपी शुभम मारा गया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसे पेट, छाती और पैर में 6 गोलियां मारीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका साथी मौके से बाइक लेकर फरार हो गया।
कौन था मारा गया बदमाश?
मृतक की पहचान करनाल के छापर गांव निवासी शुभम के रूप में हुई है। वह 24 अक्टूबर को सोनीपत के खरखौदा में हुए पिता-पुत्र की डबल मर्डर वारदात में मुख्य आरोपी था। उसके पास से पुलिस ने दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक बैग बरामद किया। जांच में सामने आया है कि शुभम पर हरियाणा और यूपी में लूट, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे करीब एक दर्जन केस दर्ज थे।
कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस को सूचना मिली कि शुभम एक साथी के साथ कुंडली–मानेसर एक्सप्रेस वे पर है। एंटी गैंगस्टर यूनिट और CIA-1 टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही दोनों बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में शुभम को 6 गोलियां लगीं। वहीं उसका साथी मौके से बाइक उठाकर फरार हो गया। शुभम को पहले सिविल अस्पताल और फिर PGI खानपुर रेफर किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
पिता-पुत्र की हत्या का पूरा मामला
24 अक्टूबर को दीपालपुर के धर्मवीर अपने बेटे मोहित के साथ बाइक पर खरखौदा जा रहे थे।,दो बदमाश स्कॉर्पियो में आए और उनकी बाइक को टक्कर मार गिराया। जमीन पर गिरते ही उन पर 10–15 राउंड गोलियां चलाई गईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या करने के बाद बदमाश भाग रहे थे, तभी उनकी स्कॉर्पियो रेलिंग से टकरा गई। इसके बाद उन्होंने वहां से गुजर रहे एक युवक सुरेश की बाइक छीन ली और फरार हो गए।
क्यों की गई थी हत्या?
मोहित पर 2020 में अपने दोस्त सागर की हत्या का केस दर्ज था। मोहित और नितिन पर आरोप था कि उन्होंने सागर का गला दबाकर हत्या की और शव एक्सप्रेस वे पर फेंक दिया। इस मामले में मोहित जेल भी जा चुका था और अदालत में केस चल रहा था। इसी रंजिश में मोहित और उसके पिता धर्मवीर की हत्या कर दी गई थी।
कमिश्नर का बयान
सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने कहा कि पुलिस अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। पिता-पुत्र की हत्या मामले में यह बड़ी सफलता है और एक और संभावित अपराध होने से बचा लिया गया।
पुलिस अब फरार साथी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

