March 11, 2026

श्रावण शिवरात्रि पर सिद्धदाता आश्रम में हुआ भगवान शिव का अभिषेक

Faridabad/Alive News: श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री सिद्धदाता आश्रम और श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। आश्रम के अधिपति जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने विधिपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक किया और श्रद्धालुओं को शिव की महिमा और नीलकंठ बनने की कथा सुनाई।

स्वामीजी ने बताया कि समुद्र मंथन के समय निकले विष से पूरी सृष्टि में हाहाकार मच गया था। तब महादेव शंकर ने जीवों की रक्षा के लिए वह विष पीने का निर्णय लिया और उसे गले में ही रोक लिया। इसी कारण उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। देवताओं ने गंगाजल से उनका अभिषेक किया, जिससे विष की तपन शांत हुई। तभी से श्रावण शिवरात्रि पर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि भगवान शंकर को गंगाजल अत्यंत प्रिय है और जो भक्त उन्हें गंगाजल से स्नान कराते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। स्वामीजी ने कांवड़ियों को तप और भक्ति के लिए बधाई देते हुए कहा कि हम सभी को भगवान के चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज व परिवार की भलाई के लिए तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम में भक्तों को प्रसाद और मीठे पानी की छबील भी वितरित की गई। शिष्यों ने स्वामीजी के चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।