Faridabad/Alive News: विशाल हिन्दू सम्मेलन समिति द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बल्लभगढ़ क्षेत्र में अब तक 18 से अधिक कार्यक्रम संपन्न किए जा चुके हैं। सेक्टर-65 स्थित सामुदायिक भवन में ‘संगठित हिन्दू, समर्थ भारत’ के ध्येय वाक्य के साथ भव्य ‘विशाल हिन्दू सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज में व्याप्त जातिगत एवं अन्य भेदभावों को समाप्त कर एकता, समानता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करना बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य मार्गदर्शक के रूप में रामानुज पीठ, गोवर्धन के पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य देवकीनंदन महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और विरासत विश्व में सर्वोत्तम है, लेकिन समाज आज विभिन्न जातियों और वर्गों में विभाजित है। उन्होंने आह्वान किया कि जब तक समाज ‘एक सनातन, एक परिवार’ के सूत्र में संगठित नहीं होगा, तब तक समर्थ भारत की कल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होने का संदेश दिया।
समाजसेवी एवं शिक्षाविद जगदीश चौधरी ने अपने उद्बोधन में ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य वक्ता संजय ने संघ की यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर संयोजक दुली चन्द ने संतों, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। सह-संयोजक उदय वीर, सुरेन्द्र, प्रेम राज, जे.सी. कम्बोज, मिथिलेश मान, कोषाध्यक्ष राम अवतार एवं सह-कोषाध्यक्ष सपन की भूमिका सराहनीय रही।
तिरखा कॉलोनी की बजरंग पुरी में आयोजित सम्मेलन में जिला बल्लभगढ़ के संपर्क प्रमुख विजयपाल ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा विषय पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में 2168 लोगों की उपस्थिति रही तथा संयोजक भगवान सिंह रहे। रघुवीर पुरी में आयोजित सम्मेलन में 2687 लोगों की सहभागिता दर्ज की गई।

