October 24, 2026

सूरजकुंड दिवाली मेले में दर्शकों की कमी, खरीदारों के इंतजार में बैठे शिल्पकारों की बढ़ी चिंता

Faridabad/Alive News: सूरजकुंड में आयोजित दिवाली मेले में दर्शकों की कम संख्या ने शिल्पकारों और स्टॉल संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। मेले के दूसरे दिन उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, लेकिन शनिवार को मेला परिसर में दर्शकों की भीड़ कम नजर आई। मुख्य चौपाल की आधे से अधिक कुर्सियां खाली रहीं। स्टॉल संचालकों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो उनके लिए स्टॉल का किराया निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं, कुछ हस्तशिल्पियों के स्टॉल भी अभी तक नहीं लग पाए हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था उद्घाटन

सूरजकुंड में 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित दिवाली मेले का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। इस दौरान पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग की ओर से तीसरी बार इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से शिल्पकार, कारीगर और कलाकार पहुंचे हैं। हालांकि, प्रवेश निशुल्क होने के बावजूद दर्शकों की कम संख्या के कारण मेले में अपेक्षित रौनक दिखाई नहीं दे रही है।

मुख्य चौपाल की अधिकांश कुर्सियां खाली

मेले की मुख्य चौपाल पर हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं। उनकी प्रस्तुतियों में देश की संस्कृति और समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिल रही है। इसके बावजूद कार्यक्रम देखने और कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए दर्शक कम संख्या में पहुंच रहे हैं। मुख्य चौपाल की अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं।

बिजली कटौती से कलाकारों की प्रस्तुति प्रभावित

शनिवार को मुख्य चौपाल पर कलाकारों को बिजली कटौती की समस्या का भी सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे हरियाणा की ‘धाकड़ छोरियां’ प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान अचानक संगीत बंद हो गया, जिससे कलाकारों को अपना नृत्य बीच में रोकना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण उन्हें दोबारा प्रस्तुति देनी पड़ी। कलाकारों को बार-बार इस परेशानी का सामना करना पड़ा।

बीन और नगाड़े की धुन सुनने वाले भी कम

मेले में बीन और नगाड़ा बजाने वाले कलाकार भी दर्शकों का इंतजार करते नजर आए। आमतौर पर इनकी धुन पर दर्शक झूमने लगते हैं, लेकिन इस बार कम भीड़ के कारण कलाकार मायूस दिखाई दिए।

बंचारी से आए धर्मेंद्र नगाड़ा पार्टी के सदस्य धर्मेंद्र ने बताया कि मेले में दर्शकों की प्रतिक्रिया अभी तक उत्साहजनक नहीं रही है। उन्हें उम्मीद है कि रविवार को अधिक संख्या में लोग मेले में पहुंचेंगे।