September 26, 2026

बच्चों के बीच अंतर रखने का फैसला, सही गर्भनिरोधक से संभाला स्वास्थ्य

विश्व गर्भनिरोधक दिवस: डॉक्टर की सलाह से गर्भनिरोधक अपनाकर रखा बच्चों के बीच अंतर, विशेषज्ञ बोले- सही जानकारी से सुरक्षित तरीके से की जा सकती है परिवार की प्लानिंग  

Prabhjot Kour/Alive News

Faridabad: पहला बच्चा होने के बाद 28 वर्षीय महिला ने तुरंत दूसरा बच्चा करने के बजाय कुछ साल का अंतर रखने का फैसला लिया। दंपति ने डॉक्टर से सलाह ली और अपनी जरूरत के अनुसार गर्भनिरोधक तरीका अपनाया। इस दौरान महिला ने नियमित स्वास्थ्य जांच कराई। जब परिवार ने दूसरे बच्चे की योजना बनाने का फैसला लिया, तब गर्भधारण की तैयारी शुरू की। विश्व गर्भनिरोधक दिवस पर विशेषज्ञों ने कहा कि गर्भधारण के बीच उचित अंतर रखने से महिला को प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य को संभालने और अगले गर्भ के लिए शारीरिक रूप से तैयार होने का समय मिलता है।

परिचित की सलाह पर खुद शुरू की गोलियां, बढ़ी परेशानी

वहीं, 25 वर्षीय महिला ने परिचित की सलाह पर बिना डॉक्टर से परामर्श लिए गर्भनिरोधक गोलियां लेना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद उसे अनियमित रक्तस्राव की शिकायत होने लगी। परेशानी बढ़ने पर वह डॉक्टर के पास पहुंची। जांच के बाद उसे समझाया गया कि गर्भनिरोधक का चुनाव हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार किया जाना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद उसके लिए उपयुक्त विकल्प चुना गया और समस्या को नियंत्रित किया गया।

बिना सलाह के दवा शुरू या बंद न करें

डॉ. सबिता ने कहा कि गर्भनिरोधक दवाओं को अपनी मर्जी से शुरू या बंद नहीं करना चाहिए। किसी भी गर्भनिरोधक तरीके को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके इस्तेमाल के दौरान असामान्य रक्तस्राव, लगातार परेशानी या कोई अन्य दुष्प्रभाव महसूस हो तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी केवल महिला की नहीं है। पति-पत्नी दोनों को मिलकर सही जानकारी के आधार पर गर्भनिरोधक का विकल्प चुनना चाहिए।