August 8, 2026

अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहें आधिकारिक नक्शे में शामिल, चीन की नाम बदलने की कोशिशों के बीच सरकार का कदम

Arunachal Pradesh 27 places added to official map amid China naming dispute

New Delhi/Alive News: केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनसे जुड़ी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक मानचित्र में शामिल किया है। यह कदम चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश की कई जगहों के नाम बदलकर जारी करने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन जगहों को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने का फैसला अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह के बाद लिया गया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों की सही और आधिकारिक पहचान सुनिश्चित करना है। साथ ही, लोगों के बीच इन स्थानों को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी इसका एक उद्देश्य है।

सरकारी रिकॉर्ड में आएगी एकरूपता

सरकार के अनुसार, इन जगहों के नाम आधिकारिक नक्शों में शामिल होने से प्रशासनिक कामकाज में मदद मिलेगी। अलग-अलग सरकारी विभागों के रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी और आपसी तालमेल बेहतर होगा।

इसके अलावा, किसी आपदा या आपात स्थिति में संबंधित स्थान की सही पहचान होने से राहत और बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन आधिकारिक नामों के आधार पर आम लोगों के पासपोर्ट या अन्य निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं। फिलहाल सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान को मजबूत करना और उन्हें भारतीय प्रशासनिक रिकॉर्ड में शामिल करना है।

चीन कई बार बदल चुका है जगहों के नाम

चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश की कई जगहों के लिए अपने नाम जारी करता रहा है। चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ कहता है और राज्य के कई स्थानों के नाम बदलकर सूची जारी कर चुका है।

भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि किसी भी तरह से नाम बदलने से अरुणाचल प्रदेश पर भारत की संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

लोंगजू भी आधिकारिक नक्शे में शामिल

सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में शामिल की गई जगहों में लोंगजू भी है। यह क्षेत्र वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास स्थित है।

1959 में चीनी सेना लोंगजू इलाके में पहुंची थी। इसलिए रणनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जाता है।

जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए अहम

चांगलांग जिले का जयरामपुर भी इन पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करता है।

सरकार के इस कदम से इन रणनीतिक क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान और प्रशासनिक रिकॉर्ड को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।