Mumbai/Alive News: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मूल विचारधारा में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व की दिशा में आगे बढ़ाना है। हालांकि, उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।
थरूर ने यह बात शुक्रवार शाम मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) के कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि वह करीब 10 साल से संघ प्रमुख के बयानों पर नजर रखते रहे हैं और अब उन्हें भागवत के बयानों में कुछ बदलाव दिखाई दे रहा है।
अलग विचारधारा वालों से बातचीत जरूरी
शशि थरूर ने कहा कि अलग विचार रखने वाले लोगों के साथ भी बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल इस वजह से किसी व्यक्ति से संवाद बंद नहीं किया जा सकता कि उसकी विचारधारा अलग है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें कांग्रेस से निकाल दिया जाए, क्योंकि वह ऐसे मंच पर गए जहां मोहन भागवत भी मौजूद थे। थरूर ने कहा कि अलग सोच रखने वाले लोगों के साथ बातचीत करना लोकतंत्र का हिस्सा है।
2029 में Gen-Z की बड़ी भूमिका
थरूर ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक Gen-Z देश का सबसे बड़ा वोटिंग ग्रुप हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच और उनकी अपेक्षाओं को राजनीतिक दलों को समझना होगा।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया की राजनीतिक पार्टियां यह नहीं मान सकतीं कि राजनीति के पुराने तरीके हमेशा काम करते रहेंगे। युवा बदलाव चाहते हैं और राजनीतिक दलों को उनकी आवाज समझने की जरूरत है।
थरूर ने अपनी पार्टी के बारे में कहा कि कांग्रेस उनकी विचारधारा के सबसे करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में असहमति और अलग विचारों के लिए जगह होनी चाहिए।
राहुल गांधी के अभियान का भी जिक्र
थरूर ने छात्र आंदोलनों और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन में उठाए गए कई मुद्दों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही अपने अभियान के जरिए उठा चुके थे, लेकिन कांग्रेस को वैसा जनसमर्थन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर आत्ममंथन करने की जरूरत है कि उसके प्रयासों को जनता की ओर से वैसी प्रतिक्रिया क्यों नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पार्टी को लोगों की नब्ज को और बेहतर तरीके से समझना होगा।
17 जून को राहुल ने शुरू किया था अभियान
राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद इस अभियान को देश के अन्य शहरों तक ले जाया गया।
थरूर के मुताबिक, कांग्रेस के इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन नहीं मिला, जबकि बाद में छात्र आंदोलन को बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन देखने को मिला।
भागवत ने Gen-Z को लेकर क्या कहा था?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने IIMUN के कार्यक्रम में Gen-Z और Gen-Alpha के युवाओं से करीब एक घंटे बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि Gen-Z और Gen-Alpha पुरानी पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं और उनकी बात समझने की जरूरत है।
भागवत ने यह भी कहा था कि Gen-Z को एंटी-नेशनल कहना गलत है। उन्होंने कहा कि जब उनकी पीढ़ी Gen-Z की उम्र में थी, तब बड़े जो कहते थे, उसे मान लिया जाता था और सवाल कम पूछे जाते थे। आज की युवा पीढ़ी सवाल करती है और अपनी बात रखती है।
थरूर ने भागवत के इन बयानों को सकारात्मक संकेत बताया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS की मूल विचारधारा में अभी बदलाव नहीं आया है।

