Faridabad/Alive News: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित ग्रेटर फरीदाबाद के कई सेक्टरों में अव्यवस्था और अधूरे विकास कार्यों के चलते प्लॉटधारक परेशान हैं। सेक्टर-76, 77, 78, 80, 81, 83 और 84 में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जबकि लोगों से प्लॉट के लाखों रुपये वसूले जा चुके हैं।
कई जगहों पर सड़क, पानी, बिजली और सीवर जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, इसके बावजूद प्राधिकरण ने प्लॉटधारकों को कब्जा ऑफर कर दिया है। सेक्टर-80 में तो विवादित जमीन पर ही प्लॉट बेच दिए गए, जहां पहले से कोर्ट केस चल रहा है। अब खरीदार अपने ही प्लॉट पर कब्जे के लिए हाई कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं।
आयोग सख्त, अधिकारियों पर जुर्माना
सेवा का अधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कई मामलों में अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है और रिपोर्ट तलब की है। बिना विकास कार्य पूरे किए प्लॉटिंग करने पर आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं।
जमीन पर विवाद और अतिक्रमण
सेक्टर-80 में जमीन पर किसानों का कब्जा और कोर्ट केस होने के बावजूद प्लॉट बेचे गए। ग्रामीण पिछले कई महीनों से धरने पर बैठे हैं और जमीन वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिससे प्लॉटधारकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्लॉटधारकों की परेशानी
सेक्टर-84 के एक प्लॉटधारक ने बताया कि तीन साल पहले प्लॉट खरीदने के बावजूद अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं, जिससे मकान निर्माण नहीं हो पा रहा है। वहीं सेक्टर-77 में सड़क न बनने के कारण लोग अपने प्लॉट का उपयोग नहीं कर पा रहे और किराये पर रहने को मजबूर हैं।
कुल मिलाकर ग्रेटर फरीदाबाद में एचएसवीपी की योजनाओं की खामियों के चलते सैकड़ों प्लॉटधारक परेशान हैं और समाधान की उम्मीद में प्रशासन व अदालतों का रुख कर रहे हैं।
क्या कहना है संपदा अधिकारी का
हां, यह बात सही है कि सेक्टर-80 में जमीन पर कोर्ट केस है। हम हाई कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। जमीन से अतिक्रमण हटाकर लोगों को कब्जा दिलाया जाएगा। बाकी सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं देने का काम चल रहा है।
– नवीन कुमार, संपदा अधिकारी

