New Delhi/Alive News: इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब एक नई ‘डिजिटल जंग’ छिड़ गई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बीबी) को लेकर सोशल मीडिया पर एक ऐसी कॉन्सपिरेसी थ्योरी (साजिश का दावा) वायरल हो रही है, जिसने पूरी दुनिया के इंटरनेट यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है। दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मौत हो चुकी है और उनकी जगह ‘एआई जनरेटेड’ (AI Generated) या ‘डीपफेक’ वीडियो का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उंगली और दांतों पर टिकी पूरी ‘साजिश’
विवाद की शुरुआत नेतन्याहू के एक हालिया वीडियो से हुई। वायरल हो रहे पोस्ट में लोगों ने वीडियो के कुछ ‘फ्रीज फ्रेम्स’ को जूम करके दिखाया है। दावा है कि नेतन्याहू के हाथ में ‘छह उंगलियां’ नजर आ रही हैं। इसके अलावा, कुछ यूजर्स उनके दांतों की बनावट (Dental Structure) को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। इंटरनेट पर ‘पगलाए’ लोग इसे ‘एआई ग्लिच’ (AI Glitch) बता रहे हैं, क्योंकि अक्सर शुरुआती एआई टूल्स हाथ की बनावट को ठीक से रेंडर नहीं कर पाते।
डीपफेक का डर या कोरी अफवाह?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ और टेलीग्राम पर यह अफवाह आग की तरह फैल गई है कि असली ‘बीबी’ अब दुनिया में नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के समय में इस तरह के ‘प्रोपेगेंडा’ का इस्तेमाल दुश्मन देश के मनोबल को गिराने के लिए किया जाता है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का यह भी मानना है कि कई बार वीडियो की क्वालिटी, ‘मोशन ब्लर’ (Motion Blur) या गलत एंगल के कारण भी परछाईं उंगली जैसी दिखने लगती है।
सच्चाई क्या है?
आधिकारिक तौर पर इजरायली प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। फैक्ट चेकर्स के अनुसार, वीडियो को स्लो-मोशन में देखने पर यह साफ होता है कि जिसे लोग ‘छठी उंगली’ कह रहे हैं, वह दरअसल हाथ की मूवमेंट की वजह से होने वाला एक ऑप्टिकल इल्यूजन (दृष्टि भ्रम) है। नेतन्याहू लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे मौत और डीपफेक के दावों को कोई ठोस आधार नहीं मिलता।

