Faridabad/Alive News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आयोजित कक्षा 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा ने इस बार विद्यार्थियों को असमंजस में डाल दिया। एनआईटी-3 के डीएवी पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्रों के चेहरों पर निराशा साफ देखी गई। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रश्न पत्र न केवल लंबा था, बल्कि प्रश्नों की प्रकृति काफी ‘घुमावदार’ थी, जिसके कारण समय प्रबंधन में भारी कठिनाई हुई। हलांकि पूरा एग्जाम एनसीईआरटी बुक बेस्ड था।
इस वर्ष के प्रश्न पत्र में सीधा उत्तर देने वाले प्रश्नों की संख्या कम रही। विशेष रूप से ‘रीडिंग सेक्शन’ (Reading Section) में दिए गए अनसीन पैसेज काफी जटिल थे। छात्रों के अनुसार, विकल्पों के बीच का अंतर इतना सूक्ष्म था कि सही उत्तर चुनना चुनौतीपूर्ण हो गया। वहीं, ‘लिटरेचर सेक्शन’ में भी रटे-रटाए जवाबों के बजाय वैचारिक स्पष्टता और ‘क्रिटिकल एनालिसिस’ पर आधारित प्रश्न पूछे गए।
रोहन परीक्षार्थी ने बताया कि “मैंने पिछले 5 सालों के पेपर हल किए थे, लेकिन इस बार का पैटर्न काफी अलग लगा। एप्लाइड ग्रामर और एक्सट्रैक्ट आधारित प्रश्नों ने बहुत समय लिया।”
छात्रा प्रिया ने बताया कि “पेपर बहुत लंबा था। अंत के 10 मिनट में मुझे उत्तरों को संक्षिप्त करना पड़ा क्योंकि समय कम बचा था। प्रश्न सीधे नहीं थे, उन्हें समझने में ही काफी वक्त लग रहा था।”
क्या कहना था शिक्षकों का
एनआईटी-3 स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति दहिया ने बताया, “बोर्ड अब ‘रट्टा मार’ पद्धति को पूरी तरह खत्म कर कॉम्पिटेंसी-बेस्ड (Competency-based) लर्निंग की ओर बढ़ रहा है। प्रश्न पत्र कठिन नहीं था, लेकिन इसके लिए गहरी समझ की आवश्यकता थी। जिन छात्रों ने केवल सारांश (Summary) पढ़ा था, उन्हें निश्चित रूप से परेशानी हुई होगी।” लेकिन एग्जाम पूरा एनसीईआरटी की बुक मे से रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि प्रश्न पत्र की जटिलता को देखते हुए इस बार अंग्रेजी में 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आ सकती है। हालांकि, औसत छात्रों के लिए उत्तीर्ण होना मुश्किल नहीं होगा, लेकिन मेरिट लिस्ट में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
दार्शनिक और तकनीकी शब्दावली के कारण समझने में समय लगा। नोटिस और लेटर राइटिंग के विषय समसामयिक लेकिन विस्तृत थे। इसके अलावा 3 घंटे का समय कई छात्रों को पेपर पूरा करने के लिए कम लगा।

