March 7, 2026

सूरजकुंड मेला में हास्य कवि सम्मेलन ने बांधा समां

Faridabad/Alive News: 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 के अंतर्गत गत मंगलवार रात्रि मुख्य चौपाल पर भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीईओ एफएमडीए गौरी मिड्ढा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री योगिता चौहान द्वारा मां सरस्वती की वंदना साधना हो सफल मुझको वरदान दे की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात मंच पर देश के ख्याति प्राप्त कवियों डॉ. सुनील जोगी, डॉ. सुरेश अवस्थी, सरदार मनजीत सिंह, अजातशत्रु, योगिता चौहान एवं अशरफ मेवाती ने अपनी हास्य और व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन सरदार मनजीत सिंह ने प्रभावी शैली में किया। अपने काव्य पाठ के दौरान उन्होंने बनारस की सुबह अनुपम, वो मुस्कुराई तो मेरा दिल झनझनाया था, नेता जी के पांव से लिपट गया कुम्भकर्ण तथा न समझो मुझे इतना खास जितना समझते हो जैसी रचनाओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को खूब गुदगुदाया। साथ ही सामाजिक विसंगतियों, ठेकेदारी व्यवस्था, भ्रष्टाचार, चुनावी प्रलोभन और लोकतंत्र की स्थिति पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष कर गंभीर संदेश भी दिया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों से अस्पताल के नाम के बजाय योग्य चिकित्सक की जानकारी लेने की अपील की।

राजस्थान, उदयपुर से आए हास्य कवि अजातशत्रु ने राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर तीखे व्यंग्य प्रस्तुत किए। सत्ता, नीतियों, सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रवाद, सामाजिक आचरण और भ्रष्टाचार जैसे विषयों को उन्होंने हास्य के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से उठाया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में पद्मश्री डा. सुनील जोगी ने समाज में व्याप्त विरोधाभासों, 100 नंबर डायल व्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बदलते सामाजिक मूल्यों पर व्यंग्य प्रस्तुत किया। बनारस यात्रा के दौरान दो ‘पंडितों’ के विवाद का प्रसंग सुनाकर उन्होंने नाम और पहचान के बदलते मायनों पर कटाक्ष किया।