March 8, 2026

साझा संकल्प से संभव है बाल विवाह मुक्त भारत का सपना : आयुष सिन्हा

Faridabad/Alive News: भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में फरीदाबाद के गांव फतेहपुर बिल्लौच तथा गांव घरोड़ा बल्लभगढ़ सहित आसपास के अन्य इलाकों में बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे। साथ ही कैंडल मार्च भी निकाला गया।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिले, तो तुरंत उसे रोकने का प्रयास करें और निकटतम पुलिस थाने या चौकी को सूचित करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

जागरूकता कार्यक्रमों के उपरांत कैंडल मार्च का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रतिभागियों ने बाल विवाह के विरुद्ध एकजुटता का संदेश दिया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प दोहराया।

हेमा कौशिक ने कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा, उनके अधिकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है, किंतु समाज की भागीदारी के बिना इन्हें प्रभावी बनाना कठिन है।