March 12, 2026

कभी बच्चे के लिए, तो कभी तंत्र-मंत्र के लिए पर आज भी दी जाती है पशु बलि

New Delhi : भारत त्योहारों का देश है जहां हर महीने कोई न कोई त्योहार होता है। इन्हीं में एक है अश्विन का महीना। जिसमें मां के शुभ नवरात्र आते हैं। 9 दिन तक चलने वाले इस त्योहार को पूरे धूम-धाम से मनाया जाता है। नवरात्र के मौके पर देश के चुनिंदा मंदिरों के बारे में बता रहे है, जहां आज भी बलि की प्रथा है। असम के कामाख्या में दी जाती है पशु बलि…

कामाख्या मंदिर (असम)
– कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी (असम) के वेस्ट में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है।
– यह मंदिर तंत्र विद्या का सबसे बढ़ा केंद्र माना जाता है और हर साल जून महीने में यहां पर अंबुवासी मेला लगता है।
– पूरे मंदिर की फर्श पर अजीब ढंग से पांव चिपकते हैं। दरअसल, ऐसा जानवरों की बलि से फैले खून की वजह से है।
– बता दें कि यहां खुलेआम बलि को लेकर विरोध में बहुत धरना-प्रदर्शन भी हुए हैं।