Faridabad/Alive News :फरीदाबाद में दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया है कि यहां धौज और फतेहपुर तगा गांव से भारी मात्रा में 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ है। इसी केस में अल-फलाह यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाकों में पुलिस ने छापेमारी की है।
जांच और कार्रवाई
• अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
• फतेहपुर तगा की मस्जिदों में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
• पुलिस ने 4 जमातियों को हिरासत में लिया है – ये जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, उड़ीसा और हरियाणा के हथीन के रहने वाले हैं।
• इन जमातियों के मोबाइल में डिलीट की गई वॉट्सऐप चैट मिली है।
• फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई है।
गिरफ्तार डॉक्टरों के नाम
• डॉ. आदिल अहमद राठर – सहारनपुर से गिरफ्तार
• डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ शकील – अल-फलाह यूनिवर्सिटी का लेक्चरर
• डॉ. शाहीन शाहिद – लखनऊ की लेडी डॉक्टर, यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर
तीनों डॉक्टरों के तार फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि यह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों की फंडिंग से बनी है।
क्या मिला पुलिस को
• धौज के घर से
• 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट
• एक असॉल्ट राइफल, दो पिस्टल, 84 कारतूस
• 20 टाइमर, बैटरियां, रिमोट, वायरिंग और वॉकी-टॉकी
• फतेहपुर तगा गांव से
• 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट
• यह सामान एक इमाम इश्तियाक के किराए के घर से मिला, जहां मजदूर रहते थे।
लेडी डॉक्टर शाहीन
शाहिद से पूछताछ
• शाहीन शाहिद मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल की करीबी और सहयोगी बताई जा रही हैं।
• वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ी ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताई गई हैं।
• वह विस्फोटक और हथियार ट्रांसपोर्ट करने में मदद करती थीं।
• फिलहाल उन्हें श्रीनगर ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की जांच और सुरक्षा इंतजाम
• धौज और फतेहपुर तगा गांव को छावनी में बदल दिया गया है।
• हर आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है।
• मस्जिदों और किराए के घरों में सर्च अभियान जारी है।
• मीडिया को इलाके से दूर रखा गया है और वीडियो शूटिंग पर रोक लगाई गई है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की पृष्ठभूमि
• अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने की थी।
• ट्रस्ट 1997 से कॉलेज चला रहा था और 2014 में हरियाणा सरकार ने इसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया।
• पुलिस जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले कुछ डॉक्टरों का आतंकी संगठनों से संपर्क था।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा है यानी ऐसे लोग जो समाज में सम्मानित पेशों (जैसे डॉक्टर, प्रोफेसर) में हैं, लेकिन गुप्त रूप से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां फिलहाल इस नेटवर्क की वित्तीय फंडिंग, संपर्कों और विदेशी लिंक की गहन जांच कर रही हैं।

