Faridabad/Alive News: हरियाणा सरकार, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत-पीएमजय या चिरायु योजना के अंतर्गत प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की भागीदारी को बढ़ावा देने तथा मेडिकल एवं सर्जिकल पैकेजों के अत्यधिक उपयोग पर नियंत्रण करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने पांच अतिरिक्त मेडिकल एवं सर्जिकल प्रक्रियाओं को, जो पहले निजी एवं सरकारी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध थीं, अब केवल सूचीबद्ध सरकारी या सार्वजनिक अस्पतालों के लिए आरक्षित कर दिया है। इनमें फेको इमल्सीफिकेशन आईओएल, एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी, सीओपीडी का तीव्र प्रकोप उपचार, गंभीर निर्जलीकरण के साथ तीव्र गैस्ट्रोएन्टेराइटिस तथा बिना सीबीडी एक्सप्लोरेशन के लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी शामिल हैं यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत आहूजा ने दी।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में हरियाणा सरकार ने 11 सर्जिकल, आर्थोपेडिक एवं ईएनटी पैकेजों को भी केवल सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों के लिए सुरक्षित किया है। इनमें टोटल नी एवं हिप रिप्लेसमेंट (प्राइमरी और रिवीजन), टिम्पेनोप्लास्टी, विभिन्न प्रकार की हर्निया सर्जरी (खुली एवं लैप्रोस्कोपिक), अपेंडेक्टोमी, एडेनॉइडेक्टॉमी, टॉन्सिल्लेक्टोमी, हेमरॉयडेक्टमी, हाइड्रोसील ऑपरेशन तथा सर्कमसिजन शामिल हैं। इस निर्णय के तहत कुल 16 अतिरिक्त पैकेज अब केवल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से ही लाभार्थियों को उपलब्ध होंगे।
सरकार का यह कदम राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने तथा आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में मरीजों का विश्वास और मजबूत होगा तथा सार्वजनिक चिकित्सा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

